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Tuesday 16 January 2018

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भारतीय राज व्यवस्था १ भारतीय संविधान दुनिया का सबसे विस्तृत लिखित संबिधान है २ 26 नवम्वर 1949 को संविधान 22 भाग 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियों के साथ पारित किया गया डॉ . भीम राव अम्बेडकर को भारतीय संविधान का जनक कहा जाता है 26 जनवरी 1950 को संविधान पुरे देश में लागू किया गया . भारतीय संविधान का विकास 1773 रेगुलेटिंग एक्ट १ . बंगाल के गवर्नर को बंगाल का गवर्नर जनरल कहा जाने लगा .मद्रास और बॉम्बे की प्रेसीडेंसी को बंगाल के गवर्नर जनरल के अधीन कर दिया वारेन हास्टिंग ( वारेन हास्टिंग ) बंगाल के पहले गवर्नर जनरल बने . २ . कलकत्ता प्रेसीडेंसी में एक सर्कार बनाई गयी जिसमे प्रमुख गवर्नर जनरल ( वारेन हास्टिंग ) और परिषद् के 4 सदस्य ( क्लैवरिंग , मानसर , बरवैल और फिलिप ) थे ३ . कलकत्ता में 1774 में उच्ततम न्यायलय की व्यवस्था की गई जिसमे एक मुख्य न्यायधीश ( सर एलिजाह इम्पे ) और अन्य तीन न्यायधीश ( चैंबर्स , लिमेस्टर , हाईड ) थे ४ . ईस्ट इंडिया कंपनी के कर्मचारियों को निजी व्यापार करने , रिश्वत लेने से प्रतिबंधित किया गया ५ इस एक्ट के माध्यम से ब्रिटिश गवर्नमेंट का court of directiors के माध्यम से कंपनी पर नियंत्रण सशक्त हो गया पिट्स इंडिया एक्ट - 1784 इस एक्ट में दोहरे शासन का गठन हुआ ा) बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स - वाणिज्यिक मामलों के लिए बोर्ड ऑफ़ कंट्रोलर्स - राजनितिक मामलों के लिए चार्टर एक्ट १७९३ इस एक्ट के द्वारा कंपनी के सदस्यों और कर्मचारियों को वेतन , भारतीय राजस्व से देने की व्यवस्था की गई चार्टर एक्ट १८१३ कंपनी का भारतीय व्यापार का एकाधिकार समाप्त कर दिया गया , यद्यपि उसका चीन से व्यापार तथा चाय के व्यापार पर एकाधिकार बना रहा तथा कंपनी को अगले २० वर्षो के लिए भारतीय प्रदेशों तथा राजस्व पर नियंत्रण का अधिकार दे दिया गया . भारतीय की शिक्षा के लिए सरकर को प्रति वर्ष १ लाख रूपये खर्च करने का निर्देश दिया गया ईसाई मिशनरियों को भारत में धर्म प्रचार की अनुमति दी गयी चार्टर एक्ट 1833 कंपनी के चाय और चीन के साथ व्यापार के एकाधिकार को समाप्त कर दिया गया बंगाल के गवर्नर को भारत का गवर्नर जनरल घोषित किया गया , भारत के पहले गवर्नर जनरल थे विलियम बेंटिक भारत में दास प्रथा का उन्मूलन 1833 चार्टर एक्ट के अंतर्गत 1934 को किया गया . इस अधिनियम के द्वारा यह स्पष्ट किया गया की कंपनी की अधीन पद धारण करने के लिए किसी भी भारतीय को धर्म , वंश , रंग एवं जन्मस्थान आदि के आधार पर अयोग्य नहीं ठहराया जायेगा . प्रथम विधि आयोग का गठन किया गया जिसके अध्यक्ष लार्ड मैकाले बने . चार्टर एक्ट १८५३ इस एक्ट में ब्रिटिश संसद को किसी भी समय कंपनी के भारतीय शासन को समाप्त करने का अधिकार प्रदान किया गया . 1854 में लार्ड मैकाले की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई जिसका काम कंपनी के महत्वूर्ण पदों की भर्ती हेतु प्रतियोगी परीक्षाएं करवाना था . इस एक्ट में पहली बार विधानपरिषद में स्थानीय प्रतिनिधित्व का आरम्भ किया गया तथा गवर्नर जनरल की परिषद् के विधायी एवं प्रशानिक कायों को अलग किया गया